
(नौ) वैशाली एक्सप्रेस के आरक्षण डिब्बे में शौचालय के आस - पास मुंह लटकाये बैठा है झींगना । उसके मन में कुछ खदबदा रहा है । वह अथाह सोच की गहराईयों में डूबा है कि कैसे यकबयक बदल ली है करबट उसकी जिन्दगी ने । जब होश संभाला था वह समाज की पिछली पंक्ति में अपने आप को पाया था । हिम्मत की और संजोये सपने का…